दीपावली का बढ़ी मिट्टी के दीये मांग, पांच तत्वों का प्रतीक है दीया
काशीपुर। मिट्टी का दीया पांच तत्वों का प्रतीक है। इसी के चलते लोग दीपावली पर मिट्टी के दीये जरूर खरीदते हैं। इस साल बीते वर्षों की अपेक्षा दीयों की मांग अधिक होने से कुम्हारों की चाक ने भी रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि लागत बढ़ने से कुम्हारों का मुनाफा घट गया।
काशीपुर समेत कई क्षेत्रों में कुम्हार परिवार स्टेडियम के पास दक्ष प्रजापति चौक और अन्य मोहल्लों में दिन-रात मेहनत कर मिट्टी के दीये तैयार करते हैं, लेकिन बाजार में इलेक्ट्रॉनिक झालरों, चाइनीज लाइटों और प्लास्टिक के सजावटी सामानों के कारण मिट्टी के दीयों की मांग पर असर पड़ा है।
कई कुम्हारों ने बताया कि दिवाली पर दीयों व अन्य मिट्टी के सामान बनाने से फुरसत नहीं मिल पाती है। गर्मी के मौसम में छोटे-बड़े घड़े, कुल्हड़ आदि बनाते हैं। सर्दी और बारिश के मौसम में गर्मी के सीजन में बनाए कुल्हड़ों की बिक्री करके आजीविका कमाते हैं।


