हिमाचल प्रदेश

केवल सक्रिय सदस्य ही समितियों का हिस्सा बनें,241 सहकारी समितियों के सदस्यों की खत्म होगी सदस्यता

हिमाचल : सहकारी समितियों के निष्क्रिय सदस्यों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। राज्य सहकारी बैंकों ने 241 ऐसी सहकारी समितियों को नोटिस भेजा है, जिनके सदस्यों ने अपने शेयर मूल्य को 100 से 500 रुपये के बीच परिवर्तित नहीं किया है। इन समितियों के सदस्यों की सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी और उनकी ओर से जमा किए गए शेयर भी जब्त कर लिए जाएंगे। सहकारी बैंकों की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि जिन सदस्यों ने अपने शेयर मूल्य को निर्धारित सीमा के भीतर परिवर्तित नहीं किया है, उन्हें 30 सितंबर तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है।

यदि इस अवधि तक सदस्य अपनी निष्क्रिय सदस्यताओं की पहचान सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। इस कार्रवाई के तहत, यदि सदस्य निर्धारित तिथि तक कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं, तो 63,822 शेयरों में जमा की गई कुल 63,82,200 रुपये की राशि बैंक के रिजर्व फंड में जमा हो जाएगी। यह कदम सहकारी समितियों में वित्तीय पारदर्शिता और सक्रियता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सहायक रजिस्ट्रार की रिपोर्ट के अनुसार सूची में शामिल कई समितियां या तो वर्षों से निष्क्रिय हैं, कुछ का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है और कई समितियां बैंक की ओर से जारी किए गए बार-बार के नोटिसों का जवाब तक नहीं दे रही हैं।

ऐसे में बैंक ने अंतिम नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि अब नियमों के पालन में कोई ढील नहीं दी जाएगी। सूची में शिमला, मंडी, चंबा, सिरमौर, बिलासपुर और किन्नौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों की कृषि, उपभोक्ता, विपणन, कर्मचारी और बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां शामिल हैं। राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने बताया कि बैंक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल सक्रिय सदस्य ही समितियों का हिस्सा बनें, जिससे समितियों के वित्तीय स्वास्थ्य और संचालन क्षमता में सुधार हो सके। सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे अपने शेयर मूल्य को लेकर अंतिम तिथि से पहले आवश्यक कार्रवाई पूरी कर लें।

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