ब्लॉग

केदारनाथ यात्रा होगी और आसान! बनेगी 7 किमी लंबी टनल, जाम और भूस्खलन से मिलेगी राहत

बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए सोनप्रयाग से चौमासी के बीच लगभग 7 किलोमीटर लंबी टनल बनाने की तैयारी की जा रही है। यह परियोजना चारधाम यात्रा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

हर साल केदारनाथ यात्रा के दौरान सोनप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और खराब मौसम के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। बरसात के मौसम में भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। प्रस्तावित टनल बनने के बाद इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद है और यात्रियों को अधिक सुरक्षित तथा सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

इसी बीच केदारनाथ यात्रा को और सरल बनाने के लिए सोनप्रयाग से धाम तक रोपवे की योजना भी केंद्र सरकार ने तैयार की है। फिलहाल इस परियोजना के सर्वे और एलाइनमेंट का काम जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह परियोजना अगले चार से पांच साल में धरातल पर उतर सकती है। इसके साथ ही सरकार अब रोपवे तक डबल कनेक्टिविटी की योजना पर भी काम शुरू कर रही है, ताकि यात्रियों को बेहतर और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकें।

लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही हैं। इसी के तहत चौमासी से सोनप्रयाग तक टनल का भी प्रस्ताव है। यह प्रोजेक्ट केदारनाथ रोपवे को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हालिया दिल्ली दौरे के दौरान भी इस परियोजना पर चर्चा हुई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की योजना के मुताबिक चौमासी से सोनप्रयाग के बीच सात किलोमीटर लंबी ट्विन ट्यूब टनल बनाई जाएगी। इससे केदारनाथ यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी। साथ ही कुंड से सोनप्रयाग तक पहुंचने के दो रास्ते उपलब्ध हो जाएंगे, जिससे यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुरंग से यात्रा का समय कम होगा, आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों की आवाजाही भी पहले से आसान हो जाएगी। साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यात्री दबाव को संभालने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उत्तराखंड सरकार लगातार चारधाम यात्रा को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। सड़क चौड़ीकरण, आधुनिक पार्किंग, बेहतर यात्री सुविधाओं, रोपवे और डिजिटल व्यवस्थाओं के बाद अब यह टनल परियोजना भी राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।

यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा का लाभ मिल सकेगा। इससे न केवल पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *